अंक ज्योतिष
अंक ज्योतिष में प्रत्येक अंक की अपनी शक्ति होती है प्रत्येक अंक का स्वामी कोई गृह होता है। व्यक्ति की जन्म तिथि के अंको के अनुसार ही ग्रहों का उसके जीवन में अनुकूल और प्रतिकूल प्रभाव पडता है। जन्म तिथि के अनुसार ही व्यक्ति का मूलांक और भाग्यांक देखा जाता है और इसी तरह व्यक्ति के नाम का उसके जीवन पर बहुत प्रभाव पड़ता है। व्यक्ति का नाम उसके भाग्य और प्रतिष्ठा को बढ़ाने में मदद करता है। अंक ज्योतिष के अनुसार हम व्यक्ति के नाम के अक्षरों में परिवर्तन करके उसके भाग्य में बदलाव ला सकते हैं।अंको का मानव जीवन पर प्रभाव
अंक 1 का सम्बन्ध सूर्य गृह से है अंक 1 वाले व्यक्ति पिता के बहुत नजदीक होते हैं ऐसे व्यक्ति बलवान, गम्भीर, आत्मनिर्भर और दृढ़ इच्छा शक्ति वाले होते हैं।अंक 2 का सम्बन्ध चन्दमा से है अंक 2 वाले व्यक्ति दयालु, धार्मिक, व्यव्हार कुशल, भावुक और कल्पना शील होते हैं।
अंक 3 का सम्बन्ध बृहस्पति गृह से है अंक 3 वाले व्यक्ति अनुशासित, महत्वकांक्षी, धार्मिक और दूसरों का भला करने वाले होते हैं|
अंक 4 का सम्बन्ध राहु गृह से है अंक 4 वाले व्यक्ति मनमौजी, खुशमिजाज और मेहनती होते हैं इनके स्वाभाव को समझना थोड़ा कठिन होता है।
अंक 5 का संबंध बुध गृह से है अंक 5 वाले व्यक्ति दिल के साफ़, दिमाग से सोच कर काम करने वाले और परिवार का ध्यान रखने वाले होते हैं ऐसे लोग हर काम जल्दी में करते हैं।
अंक 6 का सम्बन्ध शुक्र गृह से है अंक 6 वाले व्यक्ति कला प्रेमी, आकर्षक, आराम पसंद और नए नए दोस्त बनाने वाले होते हैं।
अंक 7 काका सम्बन्ध केतु गृह से है अंक 7 वाले व्यक्ति कल्पनाशील, परिवर्तन शील विचारधारा के होते हैं ऐसे लोग किसी से जल्दी जुड़ पाते और ये अपने मूड के हिसाब से चलते हैं।
अंक 8 का सम्बन्ध शनि गृह से है अंक 8 वाले व्यक्ति कठोर दिल के, गम्भीर स्व्भाव वाले और मेहनती होते हैं इन्हे जीवन में संघर्ष बहुत करना पडता है।
अंक 9 का संबंध मंगल गृह से है अंक 9 वाले व्यक्ति पराकर्मी, साहसी और मजबूत इरादों वाले होते हैं और ये जीवन में कठिनाइयों से कभी नहीं घबराते।
अंक के अनुसार रत्न और धातु
अंक गृह रत्न धातु1 सूर्य मणिक्य सोना और ताम्बा
2 चन्दर्मा मोती चांदी
3 बृहस्पति पुखराज सोना
4 राहु गोमेद चांदी
5 बुध पन्ना पंचधातु
6 शुक्र हीरा प्लैटिनम
7 केतु लहसुनिया शीशा
8 शनि नीलम पांच धातु
9 मंगल मूंगा सोना और ताम्बा
No comments:
Post a Comment