वास्तु शास्त्र के नियम
वास्तु शास्त्र के अनुसार घर में मंदिर हमेशा उत्तर पूर्व दिशा अर्थार्त ईशान कोण में ही होना चाहिए क्योंकि उत्तर पूर्व दिशा में भगवान विष्णु के साथ देवी लक्ष्मी का निवास होता है।
अगर ईशान कोण में जगह न हो तो मंदिर उत्तर दिशा, पूर्व दिशा या पश्चिम दिशा में बनाया जा सकता है।
शयन कक्ष में कभी भी मंदिर नहीं बनाना चाहिए।
अपने पूर्वजों (मृत ) की तस्वीर कभी भी मंदिर में नहीं लगानी चाहिए।
मकान में रसोई घर हमेशा दक्षिण पूर्व में होना चाहिए।
इसके अलावा उत्तर पश्चिम दिशा में भी रसोईघर बनाया जा सकता है।
खाना खाने का कमरा पश्चिम दिशा में सबसे अच्छा माना जाता है। अगर पश्चिम में जगह न हो तो उत्तर में भी बनाया जा सकता है।
अच्छे स्वास्थ्य के लिए हमेशा दक्षिण की तरफ सर रख कर सोएं । घर की सभी खिड़कियां दिन में एक बार जरूर खोलें।
घर का टॉयलेट अगर उत्तर पूर्व दिशा में हो तो घर में लड़ाई झगडे, मानसिक तनाव और गरीबी रहती है।
घर की सीडी के नीचे पूजा घर या टॉयलेट नहीं होना चाहिए।
रसोईघर और टॉयलेट आमने सामने नहीं होना चाहिए।
रसोईघर मकान के मुख्य दरवाजे के सामने नहीं होना चाहिए।
यदि तीन दरवाजे एक कतार में हों तो बीच के दरवाजे पर सॉफ्टेक की माला टाँगे।
जिस घर में लगातार लड़ाई झगडे होते हों और कार्य न बनते हों वहां घर के मुख्य दरवाजे पर विधन हर्ता गणपति की मूर्ति लगनी चाहिए।
जिस घर में बच्चों की शादी में रूकावट आ रही हो वहां घर के मुख्य दरवाजे पर विवाह विनायक गणपति की मूर्ति लगानो चाहिए।
जिस घर में धन की बरकत न रहती हो उस घर में धनदायक गणपति की स्थापना करनी चाहिए।
कर्ज से मुक्ति के लिए ऋणमोचन गणपति की मूर्ति लगानी चाहिए।
वास्तु शास्त्र के अनुसार घर में मंदिर हमेशा उत्तर पूर्व दिशा अर्थार्त ईशान कोण में ही होना चाहिए क्योंकि उत्तर पूर्व दिशा में भगवान विष्णु के साथ देवी लक्ष्मी का निवास होता है।
अगर ईशान कोण में जगह न हो तो मंदिर उत्तर दिशा, पूर्व दिशा या पश्चिम दिशा में बनाया जा सकता है।
शयन कक्ष में कभी भी मंदिर नहीं बनाना चाहिए।
अपने पूर्वजों (मृत ) की तस्वीर कभी भी मंदिर में नहीं लगानी चाहिए।
मकान में रसोई घर हमेशा दक्षिण पूर्व में होना चाहिए।
इसके अलावा उत्तर पश्चिम दिशा में भी रसोईघर बनाया जा सकता है।
खाना खाने का कमरा पश्चिम दिशा में सबसे अच्छा माना जाता है। अगर पश्चिम में जगह न हो तो उत्तर में भी बनाया जा सकता है।
अच्छे स्वास्थ्य के लिए हमेशा दक्षिण की तरफ सर रख कर सोएं । घर की सभी खिड़कियां दिन में एक बार जरूर खोलें।
घर का टॉयलेट अगर उत्तर पूर्व दिशा में हो तो घर में लड़ाई झगडे, मानसिक तनाव और गरीबी रहती है।
घर की सीडी के नीचे पूजा घर या टॉयलेट नहीं होना चाहिए।
रसोईघर और टॉयलेट आमने सामने नहीं होना चाहिए।
रसोईघर मकान के मुख्य दरवाजे के सामने नहीं होना चाहिए।
यदि तीन दरवाजे एक कतार में हों तो बीच के दरवाजे पर सॉफ्टेक की माला टाँगे।
जिस घर में लगातार लड़ाई झगडे होते हों और कार्य न बनते हों वहां घर के मुख्य दरवाजे पर विधन हर्ता गणपति की मूर्ति लगनी चाहिए।
जिस घर में बच्चों की शादी में रूकावट आ रही हो वहां घर के मुख्य दरवाजे पर विवाह विनायक गणपति की मूर्ति लगानो चाहिए।
जिस घर में धन की बरकत न रहती हो उस घर में धनदायक गणपति की स्थापना करनी चाहिए।
कर्ज से मुक्ति के लिए ऋणमोचन गणपति की मूर्ति लगानी चाहिए।
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