Saturday, 2 January 2016

जन्म कुंडली के 12 भावों में मंगल का प्रभाव

                    जन्म कुंडली के 12 भावों में मंगल का प्रभाव

अगर व्यक्ति की कुण्डली के प्रथम भाव (लग्न) में मंगल हो तो व्यक्ति निर्धन, दुखी, साहसी, मेहनती होता है व्यवसाय में  ज्यादा सफल  नहीं रहते।  जीवन में दुर्घटनाओ की सम्भावना बनी रहती है पिता से सम्बन्ध ज्यादा अच्छे नहीं रहते।
अगर व्यक्ति की कुण्डली के 2 रे भाव में मंगल हो तो अधिक खर्च करने वाला, कड़वा बोलने वाला परिवार में  लड़ने झगड़ने वाला लेकिन धार्मिक प्रवर्ति वाला होता है।
अगर व्यक्ति की कुंडली के 3 रे भाव में मंगल हो तो वह साहसी, ताकतवर, धैर्य वाला और प्रसिध होता है लेकिन उसकी अपने बहनो और भाइयों से कम  बनती है।
अगर व्यक्ति की कुंडली के 4 थे भाव में मंगल हो तो व्यवसाय में  अच्छा लाभ कमाता है स्वाभाव से झगड़ालू होता है भाई बहनो और माँ से कम बनती है।
अगर व्यक्ति की कुंडली के  5 वे भाव मे मंगल हो तो वह बुद्धिमान, शरीर से कमजोर मांसाहारी और शराब का सेवन करने वाला होता है ऐसा व्यक्ति किसी लम्बे रोग से पीड़ित होता है।
अगर व्यक्ति की कुंडली में 7 वे भाव में  मंगल हो तो वह धन को बर्बाद करने वाला, कड़वा बोलने वाला, गरीब और बात बात में  गुस्सा करने वाला होता है।
अगर व्यक्ति की कुंडली के 8 वे भाव में मंगल हो तो वह शर्मीले स्वाभाव का, कड़वा बोलने  वाला,धन की चिंता में डूबा रहने वाला होता है। ऐसे व्यक्ति को जीवन में  खून से सम्भंदित रोग हो सकते हैं।
अगर व्यक्ति की कुंडली के 9 वे भाव में मंगल हो तो वह गुस्से वाला, किसी भी कार्य में सफल रहने वाला, जिद्दी, होता है पिता से सम्बन्ध अच्छे नहीं रहतें|
अगर व्यक्ति की कुंडली के 10 वे भाव में  मंगल हो तो वह धन से भरपूर, स्वाभिमानी, चालाक, सुखी होता है।  उसे समाज में  बहुत मान सम्मान मिलता है।
अगर व्यक्ति की कुंडली के 11 वे भाव में मंगल हो तो वह अच्छी सम्पति का मालिक, जिद्दी, अभिमानी, बहुत गुस्से वाला, साहसी और झगड़ालू स्वाभाव वाला होता है।
अगर व्यक्ति की कुंडली के 12 वे भाव में मंगल हो तो वह कानो और आँखों का रोगी, निर्धन, गुस्से वाला, झगड़ालू, आय से अधिक खर्च करने वाला होता है ऐसे व्यक्ति पर कोई न कोई कर्ज जरूर रहता है। 

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