मूलांक 8
जीवन के शुभ वर्ष 8, 17, 26, 35, 44, 53, 62 और 71 वा वर्ष।
शुभ रत्न नीलम या नीली शुभ धातु लोहा त्रिधातु
दान की वस्तूएँ तिल, उड़द की दाल, लोहा, सरसो का तेल, काले वस्त्र आदि।
शनि मंत्र ओम प्रांग प्रिन्ग प्रोन्ग सै शनये नमः।
ओम नमः शिवाय
ऐसे जातक जिनका जन्म किसी भी माह की 8, 17 या 26 तारिख को हुआ हो उनका मूलांक 8 होता है । जिनके स्वामी गृह शनि देव हैं।
स्वाभाव 8 नंबर वालों में किसी कार्य को सीखने की क्षमता बहुत होती है इमोशनल बहुत होते हैं किसी भी कार्ये में सफलता देर से मिलती है।
17 नंबर वालों इमोशनल होते हैं ऐसे कई लोगों को जीवन में माँ का प्यार नहीं मिल पाता।
26 नंबर वालों को पार्टनरशिप में काम नहीं करने चाहिए कई केस में मैरिज लाइफ अच्छी नहीं रहती।
मूलांक 8 का स्वामी शनि है जिस प्रकार शनि देव बहुत धीरे धीरे चलते हैं एक राशि से दूसरी राशि में आने में ढाई साल लगा देते हैं इसी प्रकार ये जातक अपने जीवन में धीरे धीरे उन्नति करते हैं। इन्हे अपने जीवन में बहुत संघर्ष करना पड़ता है और बहुत कठिनाइयां उठानी पड़ती हैं। कठिनाइयों और संघर्षों से जूझ कर इन्हे जीवन में सफलता मिलती है बार बार असफल होने पर कभी कभी इनके मन में निराशा के भाव जरूर आ जाते हैं। ऐसे लोग बहुत मेहनती होते हैं और ज्यादा समय अपने काम में लगे रहते हैं। रिश्तों और प्रेम में दिखावा कम करते हैं इस कारण लोग इनको रूखे स्वाभाव का मानते हैं जबकि दिल से ये बहुत भावुक और दयालु होते हैं। मूलांक 8 वालों को लगता है कि वो दूसरे लोगों से अलग हैं कई बार ये जीवन में बहुत अकेलापन महसूस करते हैं ये किसी के साथ कितनी भी भलाई कर लें इन्हे उसका रिजल्ट कभी नहीं मिलता|। ऐसे व्यक्ति जीवन में या तो पूरी सफलती प्राप्त करते हैं या पूरी तरह असफल रहते हैं। जीवन में आगे बढ़ने की कोशिश मे हमेशा लगे रहते हैं इनके काम करने के तरीके को हर कोई नहीं समझ पाता। मूलांक 8 वाले कई बार आलस के कारण अपने जीवन में असफल रहते हैं। कई लोगों का बचपन बहुत कष्ट में बीतता है।
पारिवारिक संबंध दोस्तों की संख्या कम् होती है रिश्तों और दोस्तों में रिज़र्व रहते हैं बहुत कम लोग ऐसे होते हैं जिनसे ये खुल पाते हैं पिता से संबंध बहुत अच्छे नहीं रहते। मूलांक 4 वालों से इन्हे जीवन में बहुत परेशानी उठानी पड़ती है।
व्यवसाय या नौकरी अपने मेहनती सवभाव के कारण नौकरी में उच्च पद पर पाये जाते हैं जज, डॉक्टर, कंपनी के हैड। व्यवसाय में कंस्ट्रक्शन कंपनी, लकड़ी का सामान, लोहे का सामान आदि। इन्हे व्यवसाय में तरक्की बहुत धीरे धीरे मिलती हैं।
सेहत जोड़ों के दर्द, सूखी खांसी, मानसिक तनाव और लम्बे समय तक होने वाले रोग हो सकते हैं।
शुभ दिन 8, 17 और 26 तारिख शुभ वार शनिवार, रविवार और सोमवार।जीवन के शुभ वर्ष 8, 17, 26, 35, 44, 53, 62 और 71 वा वर्ष।
शुभ रत्न नीलम या नीली शुभ धातु लोहा त्रिधातु
दान की वस्तूएँ तिल, उड़द की दाल, लोहा, सरसो का तेल, काले वस्त्र आदि।
शनि मंत्र ओम प्रांग प्रिन्ग प्रोन्ग सै शनये नमः।

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