Sunday, 20 December 2015

GRAHON KE PRABHAV OR UNKE UPAYE

                                        ग्रहों के अशुभ प्रभाव और उनके उपाय



  • ग्रहों के शुभ और अशुभ प्रभाव मानव के जीवन पर पड़ते रहते हैं । अशुभ प्रभावों से बचने के लिए कई तरह के उपाय करने को कहा जाता है जैसे गृह का मंत्र जाप, गृह का रत्न और गृह की वस्तुं  का दान।  वैसे तो जन्मपत्री देख कर पता चल जाता है कि कौन सा गृह अशुभ स्थिति में है लेकिन अगर जन्मपत्री न भी हो तो ग्रहों के अशुभ प्रभावों को देख कर तय किया जाता है कि किस गृह के अशुभ प्रभाव पड़ रहे हैं यहाँ आपको इन्ही अशुभ प्रभावों और उनके उपायों के बारे में बताया जायेगा।



  • सूर्य के अशुभ प्रभाव से सरकारी कार्यों में, सरकारी नौकरी में परेशानी होती है पिता से सम्बन्ध ख़राब हो जाते हैं या पिता की सेहत ख़राब रहती है दिल के रोग, त्वचा के रोग, आँखों के रोग, पीलिया आदि  हो सकते हैं। उपाय  पिता का सम्मान करें, सूर्य यन्त्र की पूजा करें, ताम्बा गेहुँ और गुड़  का दान करें सूर्य को जल चढ़ायें।

         सूर्य मंत्र    ओम हरंग हरिंग हरोंग सै सूर्याय नमः।


  • चन्द्र  के अशुभ प्रभाव में मानसिक परेशानियां, नींद न आना, सर्दी जुकाम, साँस के रोग, माँ से सम्बन्ध खराब होना या माँ की हेल्थ खराब होना। उपाय दूध चावल और दही का दान करें, भगवान   शिव की पूजा करें, माँ का सम्मान करें।

         चन्द्र मंत्र   ओम श्रंग श्रृंग श्रोंग से चंदरमसे  नमः।


  • मंगल के अशुभ प्रभाव से बार बार दुर्घटना होना,  हाई ब्लड प्रेशर, बात बात पर गुस्सा आना, भाइयों से मतभेद होना, ब्लड से रिलेटेड बीमारियां हो सकती हैं।उपाय हनुमान जी की पूजा करें, मसूर की दाल का दान करें।

         मंगल मंत्र  ओम क्रम क्रीम क्रोम सै भौमाय नमः।


  • बुध के अशुभ प्रभाव में बिज़नेस में हानि, गले के रोग, नाक के रोग, एजुकेशन में दिक्कत और विचार अस्थिर हो सकते हैं।उपाय  दुर्गा माँ की पूजा करें, बहनो को यथा संभव उपहार दें , हरी मूंग की दाल का दान करें और पन्ना धारण कर सकते हैं।
         ओम बरांग ब्रिंग ब्रॉन्ग से  बुधाय नमः। 

  • गुरु के अशुभ प्रभाव से कान  के रोग, इनकम में कमी, विवाह मैं देरी, संतान में देरी, पूजा पाठ में मन न लगना आदि परेशानियां हो सकती हैं। उपाय अपने से बड़ों का सम्मान करें, गुरु की पूजा करें,

          गुरु मंत्र  ओम ग्राम ग्रीम ग्रौं सै गुरवे नमः.


  • शुक्र  के अशुभ प्रभाव से शुगर का रोग, प्रेम में असफलता, वाहन से कष्ट, यूरिन से रिलेटेड रोग हो सकते हैं। उपाय माँ लक्ष्मी की पूजा करें, स्त्री का सम्मान करें, दूध दही घी का दान करें।

         शुक्र मंत्र   ओम द्रंग  ड्रिंग दरोग सै शुक्राय नम।


  • शनि कैंसररोग, पैरों में  रोग, वायु विकार, नौकरी में परेशानी हो सकती है।उपाय  शनिवार को मीट और शराब का सेवन न करें, नौकरों को खुश रखें, शनिदेव की पूजा करें और  काली उरद की दाल का दान करें।

         शनि मंत्र  ओम प्रंग प्रिंग प्रोन्ग साईं शनये नमः।


  • राहु के अशुभ प्रभाव में दिमागी परेशानी, नेचर मैं प्राउड आना स्किन से सम्भंदित रोग हो सकते हैं।उपाय  माँ सरस्वती की पूजा करें, काले तिल  और तेल का दान करें।

         राहु मंत्र  ओम भरंग  भ्रिंग भरोंग सै राहवे नमः।


  • केतु  के अशुभ प्रभाव से दर्द रक्त विकार नाना नानी के परिवार में परेशानी हो सकते हैँ।उपाय गणेश जी की पूजा करें, कुत्तों को दूध पिलायें और शनि की वस्तुओ  का दान करें।

         केतु मंत्र   ओम सृंग स्रिंग स्रोंग सै  केतवे नमः।

अगर इस सम्बन्ध में आप कोई भी जानकारी चाहते हैं तो इस ब्लॉग पर पूछ सकते हैं या फ़ोन कर सकते हैं।
                                                  ओम नमः शिवाय

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