मूलांक 7
ऐसे व्यक्ति जिनका जन्म किसी भी माह की 7, 16 या 25 तारिख को हुआ हो उनका मूलांक 7 होता है जिसके स्वामी गृह केतु हैं
स्वभाव मूलांक 7 में 7 तारिख को जन्म लेने वाले व्यक्ति जल्दी से किसी से अटैच्ड नहीं होते और अगर होते हैं तो दिल से होते हैं
16 तारिख को जनम लेने वाले लोगों की कई बार मैरिज लाइफ अच्छी नहीं रहती और मैरिज देर से होने की उम्मीद होती है।
25 तारिख को जन्म लेने वाले लोग अपने जन्म स्थान से दूर जाकर जीवन में तरक्की करते हैं।
मूलांक 7 वाले लोगों के स्वभाव को समझना थोड़ा कठिन होता है। ये लोग किसी से ज्यादा घुलमिल कर नहीं रहते। ये लोग कभी बहुत ज्यादा एक्टिव और कभी एकदम सुस्त हो जाते हैं। ऐसे लोग अकेले रहना ज्यादा पसंद करते हैं। आर्थिक रूप से ये लोग ज्यादा सफल नहीं होते और जीवन में ज्यादा धन नहीं जमा कर पाते। घूमने फिरने के बहुत शौकीन होते हैं ये ऐसे कार्यों में सफल भी होते हैं जिनमें घूम कर काम करना हो। मूलांक 7 वाली महिला का विवाह अपने से धनी परिवार में होने का चांस होता है । मूलांक 7 वाले अपने कार्यों की प्लानिंग तो बहुत करते हैं लेकिन प्रैक्टिकली उस पर काम नहीं कर पाते। मेहनत के काय करना इन्हे पसंद नहीं होता। तारिख 2, 11, 20 और 29 को जन्म लेने वाले लोगों से इनकी अच्छी बनती है कई बार ये लोग अपने आप को बहुत बेचैन महसूस करते हैं।
शिक्षा इन्हे पढ़ाई के साथ साथ कोई एक शौक जरूर होता है और कई बार इसी शौक को ये अपना व्यवसाय बना लेते हैं
पारिवारिक सम्बन्ध भाई बहनो से सम्बन्ध अच्छे रहते हैं अगर ये छोटे होंगे तो बड़े भाई बहनो से मदद लेते रहेंगे। दोस्तों की संख्या ज्यादा नहीं होती अपने गंभीर स्वभाव के कारण ये लोग प्रेम में दिखावा नहीं कर पाते प्रेम संबंध ज्यादा लम्बे और स्थाई नहीं होते।
यात्राएँ यह लोग अपने जीवन में यात्रा बहुत करते हैं इन्हे जीवन सफलता भी अपने घर से दूर रह कर मिलती है । कई बार विदेश में जाकर भी कार्य करते हैं।
व्यवसाय लिक्विड से सम्बंधित व्यवसाय , केमिस्ट, टीचर,प्रोफेसर, जज आदि हो सकते हैं।
सेहत विल पावर कमजोर होती है कोई भी काम इनकी इच्छा के अनुसार न हो तो ये निराश हो जाते हैं। वहमी स्वाभाव के होते हैं खाने की वजह से सेहत ख़राब रहती है। बार बार मोशन्स, कफ, खांसी, त्वचा रोग पेट से सम्भंदित रोग हो सकते हैं।
शुभ दिन 7, 16, 25 शुभ वॉर रविवार और सोमवार
जीवन के शुभ वर्ष 7, 16, 25, 34, 43, 52 , 61 और 70 वा वर्ष।
शुभ रत्न लहसुनिया शुभ धातु चांदी
दान की वस्तु काले तिल, काला वस्त्र, कम्बल, उरद की दाल और तेल आदि।
केतु मंत्र ओम सृंग श्रृंग स्रोंग सै केतवे नमः
अगर आप अपनी कोई भी सलाह या प्रशन पूछना चाहते हैं तो इसी ब्लॉग पर पूछ सकते है आपके प्रश्नो और आपकी सलाह का स्वागत
ओम नमः शिवाय
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