Wednesday, 30 December 2015

मांगलिक दोष और उसकी समाप्ति

  •                                  मांगलिक दोष और उसकी समाप्ति

  • जब किसी की जन्म  कुंडली में मंगल गृह 1,  4,  7,  8 और 12 वे भाव में बैठा हो तो व्यक्ति मांगलिक कहलाता है और सलाह यही दी जाती है कि  मांगलिक लड़के या लड़की की शादी मांगलिक व्यक्ति से ही करनी चाहिए।  जब भी किसी माता पिता को यह पता लगता है की उनकी संतान मांगलिक है तो उनकी चिंता बहुत बढ़  जाती है क्योंकि मांगलिक रिश्ता ढूंढना कई बार बहुत बड़ी समस्या बन जाता है और कई बार अच्छे मांगलिक रिश्ते मिलने में ही इतना समय लग जाता है कि  लड़के या लड़की की उम्र काफी बाद जाती है।  कई अच्छे रिश्ते भी इस कारण  हाथ से निकल जाते हैं। यहाँ हम आपको जन्म कुंडली में  कुछ ऐसे संयोग बताएंगे जिससे मांगलिक दोष समाप्त हो जाता है।
  • अगर मेष लग्न  की कुंडली में लग्न  भाव में मंगल हो तो मंगल दोष समाप्त हो जाता है।
  • अगर जन्म  कुंडली में चौथे भाव में वृश्चिक राशि में मंगल हो तो मांगलिक दोष समाप्त हो जाता है।
  • अगर सातवें भाव में कर्क राशि में मंगल हो तो मांगलिक दोष समाप्त हो जाता है।
  • अगर 8 वे भाव में कुम्भ राशि में  मंगल हो तो मांगलिक दोष समाप्त हो जाता है।
  • अगर 12 वे भाव में  धनु राशि में मंगल हो तो मांगलिक दोष समाप्त हो जाता है।
  • अगर लड़के या लड़की की कुंडली में  किसी भी भाव में मंगल हो और दुसरे की कुंडली में उसी भाव में राहु,  केतु या शनि गृह हों तो मांगलिक दोष समाप्त हो जाता है।
  • अगर मंगल किसी भी भाव में अस्त  हो तो मांगलिक दोष समाप्त हो जाता है।
  • अगर कुंडली के किसी भी भाव में  मंगल के साथ राहु, चन्दर्मा या बृहस्पति बैठ जाएँ तो मांगलिक दोष समाप्त हो जाता है।
  • तो यह हैं  जन्म कुंडली के ऐसे कुछ संयोग हैं जिनमे मांगलिक दोष समाप्त माना जाता है

No comments:

Post a Comment