Wednesday, 16 December 2015

MOOLANK 4

                                                                   मूलांक  4
 जिन जातकों का जन्म किसी भी महीने की ४, १३, २२ या ३१ तारिख को हुआ हो उनका मूलांक ४ होता है।  जिनके स्वामी गृह राहु देव हैं, राहु देव एक छाया  गृह हैं जिनकी अपनी कोई राशि और दिन नहीं होत इनकी पूजा और उपाय शनिवार के दिन ही किये जाते हैं ।                                                              स्वभाव -   अंक ४ को जनम लेने वाले जातकों से कोई भी काम जबरदस्ती नहीं करवाया जा सकता । यह हर काम अपनी मर्जी के हिसाब से करते है।               अंक १३ और ३१ को जनम लेने वाले जातकों को जीवन में  प्रसिद्धि कम मिलती है और इनके कार्य  आसानी से नहीं बनते ।                                                                                                                 अंक २२ को जन्म  लेने वाले जातक अपनी मा  से बहुत स्नेह रखते हैं और यह भावुक  प्रवर्ति  के होते हैँ  कभी कभी या तनाव मैं रहते हैं।मूलांक ४ वाले जातकों के स्व्भाव  को समझना  बहुत कठिन  होता है ।  मनमौजी  परवर्ती  के होते हैं ।  जीवन मैं संघर्ष बहुत करना पड़ता  है।  स्व्भाव  में  अड़ियलपन  और अहंकार की भावना बहुत होती है ।
\मेहनत  बहुत करते हैं  लेकिन उतना लाभ नहीं मिल पाता ।  ऐसे लोगों का दिमाग कभी भी शांत नहीं रह पाता ।  यह लोग किसी के आगे झुकना नहीं जानते अगर अपने स्व्भाव  को थोड़ा  सा बदल ले  तो  जीवन मैं बहुत तरक्क़ी  कर सकते हैं। जीवन में  धन का संचय अधिक नहीं हो पाता  लेकिन मौज़  करना और खुश रहना इन का स्व्भाव  होता है।  ये या तो सफलता की ऊंचाई पर पहुँचते  हैँ  या बिलकुल निचले पायदान पर रहते  हैँ  इनका मुख्या  दोष यह है ली इनकी भावनाओँ को बहुत जल्दी ठेस पहुँचती  और ये अपने आप  को अकेला और निराश मह्सूस  करते हैँ।  ऐसे लोग जल्दी से किसी पर विश्वास  नहीं करते।
उम्र बढ़ने  के साथ ही इंफ्रक्शन  मानसिक तनाव, नींद  न आना , सिर दर्द, पेट  से सम्बंधित  रोग और खून की कमी की सम्भावना  रहती हैं।

रोजगार   इनके कार्ये स्थिर नहींसै और समय के साथ साथ बदलते रहते हैँ वैसे व्यापार की जगह ये नौकरी  मे  ज्यादा उन्नति  करते हैँ। नेता, इंजीनियर,ठेकेदारी का काम और लोहे  से सम्भन्दित  कार्यों  मैं सफलता  मिलती है ।
शुभ दिन  रविवार, सोमवार और शनिवार।
शुभ तारिख   ४, १३, २२ और ३१
जीवन के महत्वपूर्ण  वर्ष  ४, १३, २२, ३१, ४०, ४९, ५८ और ६७
शुभ धातु   चांदी      शुभ रत्न   गोमेद   दान के लिए पदार्थ  लोहा, तिल , नीला वस्त्र, कम्बल।
शुभ मंत्र   ओम भ्रंग  भ्रिंग  भरोंग सै  राहवे  नमः

                                                    ओम नमः शिवाय\

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