चन्दर्मा से बनने वाले योग
यदि व्यक्ति की कुंडली में सूर्य को छोड़ कर कोई और गृह चन्दर्मा से दूसरे भाव में बैठा हो तो सुनफा योग बनता है ऐसे योग में जन्म लेने वाले जातक को राजा ली तरह सम्मान मिलता है ये व्यक्ति धनी और प्रतिष्ठा से अपना जीवन बिताते हैं।
यदि व्यक्ति की जन्म कुंडलीु में सूर्य को छोड़ कर कोई दूसरा गृह चन्दर्मा से 12 वे भाव में बैठा हो तो अनफा योग बनता है इस योग में जन्म लेने वाला व्यक्ति पूरा जीवन रोग मुक्त, सुखी और राजा के समान जीवन जिएगा।
यदि व्यक्ति की कुंडली में सूर्य को छोड़ कर कोई दूसरा गृह चन्दर्मा से 2 रे और 12 वे भाव में बैठा हो तो दुर्धरा योग बनेगा इस योग में जन्म लेने वाला व्यक्ति को नौकरों और वाहन आदि का सुख मिलता है ऐसे जातक सब सुखों को भोगते हुए अपना जीवब बिताते हैं।
यदि व्यक्ति की जन्म कुंडली में चन्दर्मा से छठे, सातवें और आठवें भाव में शुभ गृह हों तो चन्द्रधि योग बनता है जो जातक इस योग में जन्म लेते हैं वे राजा, मंत्री या सेना में कोई बड़े पद (पोस्ट) पर बैठता हैं और वह सारा जीवन रोगों से मुक्त रहता है।
क्या आप जानते हैं कि आपकी जन्म कुंडली में कौन सा योग बन रहा है यदि नहीं तो अपना जन्म का दिन, वर्ष, महीना, समय और स्थान इसी ब्लॉग पर भेजें।
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