Friday, 25 December 2015

SURYA SE BANNE VALE YOG

                                                         सूर्ये से बनने वाले योग

यदि व्यक्ति की जन्म  कुंडली में जहाँ सूर्य  हो उससे दूसरे भाव मैं चंदर्मा  को छोड़ कर कोई दूसरा गृह बैठा हो तो ज्योतिष शास्त्र में  इसे  वैसी  योग कहते हैं इस योग में पैदा होने वाले जातक  साहसी स्वाभाव के, खुश रहने वाले, मीठे बोल  वाले और लम्बे शरीर वाले  हैं।

यदि  व्यक्ति की कुंडली में  जहाँ सूर्य  बैठा  हो उसके 12 वे भाव में  चंदर्मा  को छोड़ कर कोई दूसरा गृह बैठा हो तो कुंडली में वासी योग बनता है इस योग में जन्म  लेने वाले जातक प्रभावशाली और धनवान होते हैं।

यदि व्यक्ति की कुंडली में  जहाँ सूय बैठा हो उसके दुसरे या 12 वे भाव  में  चंदर्मा  को छोड़ कर कोई अन्य शुभ  गृह बैठा हो तो उभयचारी योग बनता है इस योग में जन्म  लेने वाले जातक  धनी  और सुखी जीवन बिताते  हैं  इन जातकों को राजा के समान  जीवन होता है यदि इन्ही भावों में अशुभ गृह स्थित  तो  व्यक्ति धन से पूरा जीवन परेशान रहता है और जीवन में  अपमान और  पीड़ा बहुत होती है।

यदि व्यक्ति की जन्म  कुंडलीु  में  सूर्य  और  बुध  गृह  एक ही भाव में  स्थित हों तो जातक  कुंडलीु में  बुध अदित्य  बनता है इस  में  जन्म  लेने  व्यक्ति धनवान,  सुखी जीवन,  बुद्धिमान होता है।  ऐसे व्यक्ति को जीवन में  बहुत सम्मान  है लेकिन इस योग के लिए बुध गृह अस्त  नहीं होना चाहिए।

क्या आप जानते हैं की आपके जीवन में  और आपकी  जन्म  कुंडली   में  कौन सा राजसी योग बन रहा है  अगर जानना चाहतें हैं तो अपना जन्म का दिन, जन्म का वर्ष, समय  और स्थान इसी ब्लॉग पर भेजें।


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