सूर्ये से बनने वाले योग
यदि व्यक्ति की जन्म कुंडली में जहाँ सूर्य हो उससे दूसरे भाव मैं चंदर्मा को छोड़ कर कोई दूसरा गृह बैठा हो तो ज्योतिष शास्त्र में इसे वैसी योग कहते हैं इस योग में पैदा होने वाले जातक साहसी स्वाभाव के, खुश रहने वाले, मीठे बोल वाले और लम्बे शरीर वाले हैं।
यदि व्यक्ति की कुंडली में जहाँ सूर्य बैठा हो उसके 12 वे भाव में चंदर्मा को छोड़ कर कोई दूसरा गृह बैठा हो तो कुंडली में वासी योग बनता है इस योग में जन्म लेने वाले जातक प्रभावशाली और धनवान होते हैं।
यदि व्यक्ति की कुंडली में जहाँ सूय बैठा हो उसके दुसरे या 12 वे भाव में चंदर्मा को छोड़ कर कोई अन्य शुभ गृह बैठा हो तो उभयचारी योग बनता है इस योग में जन्म लेने वाले जातक धनी और सुखी जीवन बिताते हैं इन जातकों को राजा के समान जीवन होता है यदि इन्ही भावों में अशुभ गृह स्थित तो व्यक्ति धन से पूरा जीवन परेशान रहता है और जीवन में अपमान और पीड़ा बहुत होती है।
यदि व्यक्ति की जन्म कुंडलीु में सूर्य और बुध गृह एक ही भाव में स्थित हों तो जातक कुंडलीु में बुध अदित्य बनता है इस में जन्म लेने व्यक्ति धनवान, सुखी जीवन, बुद्धिमान होता है। ऐसे व्यक्ति को जीवन में बहुत सम्मान है लेकिन इस योग के लिए बुध गृह अस्त नहीं होना चाहिए।
क्या आप जानते हैं की आपके जीवन में और आपकी जन्म कुंडली में कौन सा राजसी योग बन रहा है अगर जानना चाहतें हैं तो अपना जन्म का दिन, जन्म का वर्ष, समय और स्थान इसी ब्लॉग पर भेजें।
29/ 04/1978 Friday Time 05/12Am
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